चाय बनाने की प्रक्रिया पर कविता। चाय बनाने की प्रक्रिया पर कविता।
दूर जाकर तुम मुझे भूल जाते हो, तुम्हें क्या पता तुम कितना याद आते हो। दूर जाकर तुम मुझे भूल जाते हो, तुम्हें क्या पता तुम कितना याद आते हो।
अपना भविष्य आपको स्वयं बनाना है ! अपना भविष्य आपको स्वयं बनाना है !
बस बातें ही बातें करते बस बातें ही बातें करते
जहां भी जाऊं सज कर जाऊं जो तेरे रंग में, मैं रंग जाऊं। जहां भी जाऊं सज कर जाऊं जो तेरे रंग में, मैं रंग जाऊं।
कर्कश ध्वनि में गीत बजे तो, कोई नहीं समझता है ! कर्कश ध्वनि में गीत बजे तो, कोई नहीं समझता है !